HomeEducationशुगर मिल में चीनी कैसे बनाई जाती है ?

शुगर मिल में चीनी कैसे बनाई जाती है ?

 शुगर मिल में चीनी कैसे बनाई जाती है ?

हेलो दोस्तों आज मैं आपको बताऊंगा कि शुगर मिल में चीनी कैसे बनता है मीठी के तो दीवाने हम सब लोग हैं हम सबको मीठा पसंद है और जैसे आप मीठा खाते हैं हम लोग का दिमाग बिल्कुल अच्छे से काम करने लगता है और थकावट दूर हो जाती है लेकिन आपको पता है अक्सर चीजें मीठे से ही बनती है तो आज मैं आपको बताऊंगा कि चीनी को मिल में कैसे तैयार किया जाता है क्या-क्या प्रोसेस रहता है जिससे की एक गन्ना चीनी का रूप धारण कर लेता है तो चलिए शुरू करते हैं 

शुगर मिल में चीनी कैसे बनाई जाती है
शुगर मिल में चीनी कैसे बनाई जाती है

दोस्ती पूरी दुनिया में ब्राजील को छोड़कर दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन हमारे देश भारत में होता है चीनी को अधिकतर गाने से ही बनाया जाता है और भारत में सबसे ज्यादा गन्ना होता है सबसे पहले गानों को खेतों में से काटा जाता है और किसी ट्रॉली की मदद से शुगर मिल तक लाया जाता है उसके बाद गन्ने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है और टुकड़ों में काटने के बाद चॉपर नामक मशीन में डाला जाता है जो एक तरह का शुगर मिल में मशीन रहता है 

जैसे ही करना चॉपर मशीन में पढ़ता है उस के छोटे-छोटे टुकड़े हो जाते हैं ताकि उसमें से रस अच्छे से निकल जाए उसके बाद गन्ने को बिल्कुल अच्छे से धोया जाता है धोने के बाद गन्ने को क्रेशर मशीन में डाल दिया जाता है क्रेशर मशीन में गन्ने को निचोड़ा जाता है ताकि गन्ने से उसका छिलका और बाकी जो जरूरत की चीजें हैं वह बाहर निकल जाए गन्ने से जो छिलका बाहर निकलता है उसे हम खोईया के नाम से जानते हैं जिससे हम लोग घर में ईंधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और दोस्तों यह इतना ज्यादा मात्रा में निकलता है कि शुगर मिल का आधा ईधन का काम यही संभाल लेता है 

उसके बाद फिर उस गन्ने को और रस को अलग करने के लिए एक तरह का मशीन में डालते हैं जिसको हम लोग मिलहाउस कहते हैं इसमें जैसी हम लोग गाना को डालते हैं उसमें से रस और गन्ना अलग हो जाता है  जैसे ही गन्ने का रस अलग हो जाता है उसे चीनी बनाने के लिए मशीन में डाल दिया जाता है जहां गन्ने को रस को 80 डिग्री पर गर्म किया जाता है उसके बाद उसमें एक तरह का मिल्क ऑफ लाइन मिलाया जाता है जो एक तरह का पदार्थ है इससे गन्ने में मौजूद एसिडिटी को कम किया जाता है ताकि चीनी बराबर निकल सके और चीनी खाने से किसी को कोई परेशानी ना हो यह मिलाने के बाद गन्ने के रस को करीब 110 डिग्री पर गर्म किया जाता है गरम करने के बाद इस रस को कैलिफ लायर में डाला जाता है जिससे कि गन्ने के रस में जो भी कीटाणु या फिर गंदगी मौजूद है वह नीचे बैठ जाए और जो साफ रस हो तो बिल्कुल ऊपर आ जाए

उसके बाद जो साफ-साफ ऊपर आ जाता है उसे ऑपरेटर की मदद से भाप में उबाला जाता है और भाप में उबालने के बाद यह रस बहुत ज्यादा गाढ़ा हो जाता है जिसके बाद सीरा का रूप धारण कर लेता है 

जैसे ही गाढ़ा रस ऊपर आ जाता है उसे निकालकर और चीनी जैसे बने नुमाना मशीनों में डाल दिया जाता है जिससे कि कुछ चीनी की तरह बाहर आता है और कुछ बड़े बड़े साइज का निकल जाता है जिससे वह लोग बाहर निकाल देते हैं और उसी से बतासा और अन्य चीजें जैसे मिश्री तैयार किया जाता है 

अब बात करते हैं कि जब हम लोग चीनी खाते हैं तो उतना छोटा-छोटा चीनी कैसे तैयार किया जाता है उसके लिए रस के सिरे को पॉलिथीन में पैक करके 8 से 10 दिनों के लिए एक ऐसा जगह रखा जाता है जहां पर उसे हवा ना लगे उसके बाद 8 दिनों के बाद इसको निकाला जाता है और एक ऐसी छन्नी में लगाया जाता है जहां से छोटे छोटे दाने निकलते हैं और इसी दाने को हम लोग इस्तेमाल करते हैं खैर इसके बारे में आप लोग का क्या करना मुझे कमेंट में जरूर बताइएगा

उम्मीद करता हूं इसलिए एक में आप लोगों ने अच्छे से समझा होगा कि चीनी को मिल में कैसे बनाया जाता है अगर लेख पसंद आया तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करिएगा आपके मन में कोई भी प्रश्न या सुझाव हो तो हमें कमेंट जरूर करें 

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