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संविधान क्या है | संविधान की प्रस्तावना | What is constitution Full Information in Hindi

अगर आप लोग किसी भी देश में रहते हैं और अपना हक पाना चाहते हैं तो उस देश में संविधान का लागू होना बहुत ही जरूरी बात है पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा प्रचलित संविधान भारत का संविधान माना जाता है लेकिन क्या आप लोग जानते हैं कि भारत का संविधान कब बनाया गया था भारत का संविधान किसने बनाया था और इससे हम लोगों को क्या फायदा होता है अगर आप लोग कुछ भी नहीं जानते हैं तो आप लोग इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िए गा मैं आप लोगों को भारत के संविधान के बारे में पूरी जानकारी कुछ ही मिनटों के अंदर दे दूंगा तो चलिए इस लेख को शुरू करते हैं 

संविधान क्या है | संविधान की प्रस्तावना


संविधान क्या है | what is constitution in hindi

किसी भी देश को चलाने के लिए संविधान बहुत ज्यादा जरूरी होता है और किसी देश के संस्था द्वारा निर्धारित किए गए किसी भी नियम को हम लोग संविधान कहते हैं और उस संविधान में पूरा लिखा हुआ रहता है कि जो देश के नागरिक हैं उनको क्या क्या हक मिलना चाहिए अगर हमारे देश में कोई प्रधानमंत्री चुनाव में खड़े हो रहे हैं तो उनके लिए क्या-क्या नियम बनाया गया है हमारे देश में जो पुलिस वाले हमारी रक्षा करते हैं उनके लिए भी संविधान में उनका अलग-अलग कर्तव्य और निगम लिखा गया है यानी कि अगर किसी देश को बिल्कुल अच्छे से चलाना है उस देश में कुछ भी भेदभाव ना हो पाए सब लोगों को अपना अधिकार मिले कोई अपने आप को बड़ा छोटा ना समझे तो उस देश में संविधान को लागू करना बहुत ज्यादा आवश्यक होता है ।

हमारे देश का लोकतंत्र कितना बड़ा है यह मुझे आपको बताने की जरूरत नहीं है जब भी चुनाव होता है तो यह सारा फैसला लोकतंत्र पर जाने की देशवासियों पर छोड़ दिया जाता है कि वह किस नेता को अच्छा समझते हैं और अपना बहुमूल्य मतदान किसको देना चाहेंगे और तब हमारे देश पर कौन राज करेगा इसका फैसला होता है और यह भी संविधान में लिखा गया है और इसी तरह पूरे भारत का संविधान लिखा गया है अलग-अलग नियम और अलग-अलग कानून से कि कब क्या होगा और किस को क्या करना चाहिए उसका नियम क्या है मतलब की पूरा जानकारी ।


संविधान का अर्थ क्या है | what is the meaning of constitution

लोकतंत्र व्यवस्था चलाने के लिए कुछ नियम और कानून बनाए जाते हैं और उसी पर संविधान को निर्धारित किया जाता है इसमें यह भी बताया जाता है कि अगर उस देश में सरकार का गठन हो रहा है तो उसे कैसे बनाया जाएगा अगर वहां के निवासी अपने सरकार को अपना बहुमूल्य वोट दे रही है तो उस सरकार की ताकत की सीमा कितनी रहेगी एक देश के सरकार और उस देश में रहने वाले निवासी एक दूसरे के साथ कैसा संबंध बनाएंगे अगर उस देश में कोई भी गलती करता है तो उसके जुर्म के हिसाब से उसको क्या दंड दिया जायेगा 

और साथ में संविधान यह भी तय करता है कि उस देश में रहने वाले निवासी जितना भी पैसा कमाते हैं उनमें से उनको कितना पैसा सरकारी टैक्स देना पड़ेगा अगर वह इस देश में रहते हैं और वह उस देश के नागरिक है तो उनका अपने देश के लिए क्या क्या कर्तव्य बनते हैं उस देश की पुलिस व्यवस्था कैसी रहेगी यानी कि देश को कैसे चलाना है इसके बारे में पूरी जानकारी पहले से ही संविधान में लिख दी गई है ।

संविधान कितने प्रकार के होते हैं | what are the types of constitution 

संविधान चार प्रकार के होते हैं और यह कौन कौन से होते हैं चलिए मैं आप लोगों को नीचे इसके बारे में पूरी जानकारी देता हूं |

1• लिखित संविधान एक मूल का संविधान है जिसे पहले से ही एक किताब में लिख दिया जाता है कि इस देश के नागरिकों को क्या अधिकार मिलना है और इस देश में कानून व्यवस्था न्यायपालिका व्यवस्था कार्यकर्ता व्यवस्था किस तरह से काम करेंगी इससे हम लोग लिखित संविधान कहते हैं ।

2• अलिखित संविधान या एक ऐसा संविधान है जिससे ना तो किसी किताब में लिखा गया है और ना तो उस देश में कहीं भी इसको बनाया गया है जब भी देश के नागरिकों को किसी चीज की आवश्यकता पड़ती है उसके हिसाब से इस संविधान को धीरे धीरे बढ़ाया जाता है अपने काम के हिसाब से इसे ही हम लोग अलिखित संविधान कहते हैं 

3• लचीला संविधान एक ऐसा संविधान है अगर इससे पहले से भी लिख दिया गया हो एक किताब में भी तभी अगर उस देश में किसी कारणवश उस संविधान में कोई संशोधन करना पड़े तो उसे कर सकते हैं अन्यथा लिखित संविधान में ऐसा कुछ भी बदलाव नहीं किया जा सकता लेकिन लचीला संविधान में किया जा सकता है 

4• अनम्य संविधान इस संविधान में लचीला संविधान की तरह इसमें बदलाव किए जा सकते हैं लेकिन इसमें बदलाव की प्रक्रिया बहुत ही जटिल होती है इसमें सबसे पहले विधायिका से दो तिहाई या तीन तिहाई वोट से यह कंफर्म किया जाता है कि इसमें बदलाव होगा या फिर नहीं होगा 


भारत में संविधान क्यों बनाया गया | Why was the constitution made in India

ऐसे तो भारत में संविधान निम्नलिखित कारणों से बनाया गया था लेकिन उनमें से कुछ ऐसे बहुत ही जटिल कारण थे जो यह तय करते थे कि भारत में संविधान का होना बहुत ज्यादा जरूरी है और वह क्या-क्या थे चलिए मैं आप लोगों को बताता हूं ।

1• जब किसी देश की सत्ता एक हाथों से निकलकर दूसरे हाथों में जाती है तो यह बहुत ही गंभीर बात होती है क्योंकि जो पहले देश पर राज कर चुका है उसका अपना अलग नियम होगा और जब दूसरे के हाथ में छत्ता जाएगी तो वह अपना अलग नियम बनाएगा जिससे कि उस देश में रहने वाले नागरिकों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा तो इसीलिए संविधान को पहले ही लिख दिया गया उसमें नियम कानून की यह चीज अगर संविधान में इस तरह से लिखा गया है तो वह उस देश में किसी और तरीके से लागू नहीं होगा

2• भारत एक ऐसा देश है जहां पर बहुत ही अलग प्रकार के धर्म जाति और कुल की विविधता पाई जाती है पहले के समय में जब संविधान नहीं बना था तो भारत में ऊंच-नीच जाति का मैटर बहुत ज्यादा देखने को मिलता था कोई लोग अपने आप को बड़ा समझते थे और दूसरे को छोटा समझते थे यानी कि भारत पूरी तरीके से विखंडन हो रहा था एक दूसरे लोग ही जाति कुल में बंद कर अपना बहिष्कार कर रहे थे इसीलिए भारत में संविधान को लागू किया गया और जिस जाति या जिस धर्म के लिए जो भी चीज आवश्यक है उनके हित में है उनको ही संविधान में लिखा गया 

3• भारतीय संविधान को बनाने में भीमराव अंबेडकर जी का कितना अहम रोल है यह तो आप लोग जानते ही होंगे संविधान को मुख्य तीन कारणों से लिखा गया था जो मैंने आपको बता दीजिए और तीसरा कारण यह है कि जब भारत अंग्रेजों के गुलाम से आजाद हुआ था तब भारत में अंग्रेजों ने बहुत सारे गलत और सही नियम कानून बना दिए थे और वही नियम कानून अंग्रेजो के चले जाने के बाद भी लोग उनका पालन कर रहे थे इसीलिए भीमराव अंबेडकर ने सोचा यहां के लोगों को एक समान बनाने के लिए संविधान की आवश्यकता जरूर पड़ेगी और उस संविधान में भीमराव अंबेडकर ने जितने भी जाति धर्म है उनके हिसाब से उनको किस चीज की जरूरत है वह सभी चीज की पूर्ति करवा दिए 


भारतीय संविधान की प्रस्तावना | preamble of indian constitution

हम भारत के लोग भारत को एक
संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी
पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य
बनाने के लिए तथा उसके समस्त
नागरिकों को सामाजिक आर्थिक
अराजनैतिक न्याय विचार और
अभिव्यक्ति विश्वास धर्म और
उपासना की स्वतंत्रता और
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब
में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित
करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए
दृढ़ संकल्प लेकर अपनी इस
संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर सन 1949 ईस्वी को एकता
द्वारा इस संविधान को अंगीकृत
अधिनियमित और आत्म अर्पित
करते है । जय हिंद

FAQs प्रश्न और उत्तर

भारतीय संविधान किसने और कब लिखा ?
भारतीय संविधान के निर्देशांक डॉक्टर भीमराव अंबेडकर थे और भारतीय संविधान को लिखा है बहुत बड़े टेलीग्राफ और प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने 

संविधान बनाने में कुल कितना खर्चा हुआ ?
संविधान बनाने में 6396729 रुपए का खर्चा आया था 

संविधान बनाने में कितना समय लगा था ?
संविधान बनाने में 2 वर्ष 11 महीना और 18 दिन लगे थे 

संविधान कब लागू हुआ था ?
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था 


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आप लोगों ने क्या सीखा ?

आज के इस आर्टिकल में मैंने आप लोगों को बताया है कि भारत का संविधान कब बना था भारत संविधान के बारे में पूरी जानकारी अगर आपको पसंद आया होगा तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करिएगा ~धन्यवाद ~
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